Monday, June 15, 2026
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राजस्व टीम पर हमले के मामले में पिता-पुत्र सहित तीन गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल

  • सोमवार को चौकी प्रभारी अरूण पर सिंह पर आरोपी युवक ने चढ़ाई थी बाइक

बाराबंकी। भूमि विवाद की शिकायत का निस्तारण करने पहुंची राजस्व व पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने मनबढ़ पिता-पुत्र सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। वहीं शांति भंग की आशंका में पुलिस ने सात महिलाओं समेत करीब एक दर्जन लोगों को पाबंद किया है।

शिकायत पर गांव पहुंची थी टीम, विरोध के दौरान हुआ हमला: चोकीपुरवा छेदा गांव निवासी झल्लू ने बंजर घुर गड्ढे की भूमि पर रामनरायन के कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और सम्पूर्ण समाधान दिवस में की थी। मामले में तहसीलदार वैशाली अहलावत ने तीन सदस्यीय राजस्व टीम कानूनगो जगतराम वर्मा, लेखपाल हिमांशु वर्मा और चौकी प्रभारी अरुण सिंह को नाप-जोख के लिए गांव भेजा था।

सोमवार दोपहर टीम भूमि का निरीक्षण कर ही रही थी कि विपक्षी रामनरायन व उसके समर्थक विरोध पर उतारू हो गए। समझाने के बावजूद भीड़ शांत नहीं हुई। स्थिति बिगड़ती देख चौकी प्रभारी ने संबंधित लोगों को थाने ले जाने की बात कही। इसी दौरान रामनरायन का बेटा अनिल उर्फ नीला अचानक बाइक लेकर आया और चौकी प्रभारी अरुण सिंह पर बाइक चढ़ा दी। तेज टक्कर लगते ही चौकी प्रभारी वहीं गिरकर बेहोश हो गए। अन्य पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें सीएचसी फतेहपुर भेजा, जहां प्राथमिक इलाज के बाद देर रात छुट्टी दे दी गई।

हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज: घटना की सूचना पर सीओ फतेहपुर और कोतवाल आशुतोष मिश्रा मौके पर पहुंचे। चौकी प्रभारी की तहरीर पर पुलिस ने रामनरायन, उसके पुत्र अनिल उर्फ नीला, सुनील और पलटू के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद भाग रहे पिता-पुत्र और सुनील को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पलटू की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है। कोतवाल ने बताया कि आरोपित अनिल उर्फ नीला के खिलाफ पहले भी मारपीट के मुकदमे दर्ज हैं।

न्यायालय ने तीनों को जेल भेजा: मंगलवार को पुलिस ने रामनरायन, सुनील और अनिल उर्फ नीला को न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।

सूरतगंज क्षेत्र में पुलिस पर हमलों का पुराना इतिहास

सूरतगंज क्षेत्र में पुलिस पर हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है। कई वर्ष पहले छेदा चौकी इंचार्ज पर हमला कर वर्दी और नेम प्लेट तक नोच ली गई थी। खनन रोकने के दौरान डायल-100 पर फायर झोंकने की घटना भी इसी क्षेत्र में सामने आई थी।
लालपुर चौकी इंचार्ज पर घेराबंदी कर हमला किया गया था, जबकि सूरतगंज चौकी को आग के हवाले भी किया गया था। एक सिपाही के साथ मारपीट का प्रकरण भी दर्ज हुआ था, लेकिन साक्ष्यों के अभाव और राजनीतिक दबाव के चलते आरोपियों को सभी मामलों में दोषमुक्त कर दिया गया।

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