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रिक्त पदों के सापेक्ष ही शिक्षकों का समायोजन किए जाने की मांग
बाराबंकी। बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही शिक्षक समायोजन प्रक्रिया में उत्पन्न समस्याओं को लेकर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के पदाधिकारियों ने बुधवार को जिलाध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में शिक्षकों ने मांग की कि समायोजन प्रक्रिया में 30 अप्रैल 2026 की छात्र संख्या के स्थान पर वर्तमान छात्र संख्या को आधार बनाया जाए। पदाधिकारियों का कहना है कि 30 अप्रैल के बाद विद्यालयों में बड़ी संख्या में नए विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद भी नामांकन बढ़ने की संभावना रहती है। वर्तमान व्यवस्था के चलते उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 600 सहायक अध्यापक सरप्लस की श्रेणी में आ रहे हैं।
यूटा जिलाध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि लगभग 600 सरप्लस शिक्षकों के मुकाबले बंद अथवा एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में केवल करीब 200 पद रिक्त हैं। ऐसे में पारदर्शी नीति अपनाते हुए केवल रिक्त पदों के सापेक्ष ही शिक्षकों का समायोजन किया जाए।
संगठन ने यह भी मांग उठाई कि समायोजन प्रक्रिया में शिक्षकों को विद्यालय आवंटित करने के लिए खुली काउंसलिंग कराई जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और शिक्षकों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
जिलाधिकारी ने शिक्षक प्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए विकल्प लेने अथवा काउंसलिंग प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर जिला महामंत्री सत्येंद्र भास्कर, जिला संयुक्त महामंत्री शाकिब किदवई, चंद्र प्रकाश सिंह, सिरौली गौसपुर अध्यक्ष रामपाल रावत सहित अन्य शिक्षक पदाधिकारी उपस्थित रहे।




