बाराबंकी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला बार एसोसिएशन, बाराबंकी के अध्यक्ष, सचिव समेत 21 पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारी 10, 11 और 26 सितंबर 2026 को न्यायिक कार्य से विरत रहे। हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को 15 दिनों के भीतर जिला जज, बाराबंकी के कार्यालय में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
नोटिस के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 20 दिसंबर 2024 को फैजाबाद बार एसोसिएशन बनाम बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश एवं अन्य मामले में निर्देश दिया था कि उत्तर प्रदेश की जिला बार एसोसिएशनस कार्यदिवस पर हड़ताल घोषित करने या न्यायिक कार्य से विरत रहने संबंधी प्रस्ताव पारित नहीं करेंगी।
सुप्रीम कोर्ट ने इन निर्देशों की निगरानी के लिए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से कम से कम तीन न्यायाधीशों की समिति गठित करने का अनुरोध भी किया था। आदेश में निर्देशों का उल्लंघन करने वाली बार एसोसिएशन के निर्वाचित पदाधिकारियों को पद से हटाने की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
हाईकोर्ट की ओर से जारी नोटिस में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से पूछा गया है कि उन्हें उनके वर्तमान पदों से क्यों न हटा दिया जाए। निर्धारित समय के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।
नोटिस पाने वालों में अध्यक्ष और सचिव भी शामिल
नोटिस पाने वालों में अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी, सचिव प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष दिलीप कुमार गुप्ता, राम कुमार वर्मा और अंकुर यादव समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष तथा वरिष्ठ और कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य भी हैं।