बाराबंकी। फ़ेसबुक पर हुई मित्रता के बाद युवक को महिला मित्र ने झांसे में लेकर उसके 30 लाख 63 हजार रुपये ऐंठ लिए। वहीं एक चाय की दुकान चलाने वाले व्यक्ति के मोबाइल से एक युवक ने 61 हजार 900 रुपये ट्रांसफर कर लिए। दोनों मामलों में एसपी के आदेश पर साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है ।
कोतवाली नगर के बड़ेल निवासी विनय कुमार शुक्ल की महिला अन्नू भट्टाचार्य से पहले मैसेंजर फिर वाट्सअप पर बात शुरू हुई। अन्नू ने बताया कि वह पूणे की निवासी है और उसने कुछ पैसा कुछ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया। लाभ के प्रलोभन अन्नू के कहने पर एक लिंक डाउनलोड करके 15 जून 2025 को 43 हजार रुपये अनुराग तिवारी पर भेज दिया इसके बाद अन्नू ही ट्रेडिंग करने लगे और अपने जाल में फंसाता चला गया। 26 जून को ढाई फिर उसी लिंक पर भेज दिया। 31 जुलाई को अन्नू ने बताया कि एक स्कीम चल रही है जिससे 25 लाख लगाने पर पांच लाख अतिरिक्त बोनस मिलेगा। विनय ने बजट न होने की बात कही तो अन्नू ने कहा कि 19 लाख वह दे दें बाकी की व्यवस्था वह करा देंगी। इस पर विनय ने 19 लाख रुपये फिर दे दिए। इस प्रकार कुल 21 लाख 93 हजार रुपये गोल्ड माइन ट्रेडिंग में निवेश कर दिए। विनय ने जब लाभ सहित रुपये वापस मांगा गया तो उसको बताया गया कि फारेन करेंसी को भारतीय मुद्रा में बदलना है, इसलिए 20 प्रतिशत चार्ज देना होगा। इसके लिए मित्रों व रिश्तेदारों से 8.70 लाख रुपये दे दिया। इसके बाद 24 घंटे में पूरी रकम खाते में भेजने की बात कही गई, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी पुत्री की एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए अपने मकान पर 36 लाख रु 36 लाख रुपये का ऋण लिया था। जिसमें से 30.63 लाख रुपये साइबर फ्राड में चले गए। 27 अगस्त को पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना में मुकदमा लिखा गया है।
चाय दुकानदार के मोबाइल से भेजे 62 हजार
सतरिख के काजीपुरवा मजरे दुल्हीपुर निवासी आलोक कुमार चौपला चौराहे पर चाय की दुकान चलाते हैं। मसौली के किन्हौली निवासी प्रभाकर तिवारी जो पेटीएम खाता बनानें व पेटीएम लोन का काम करते हैं ने उसका पेटीएम खाता बनाया व लोन किया था। आठ अगस्त को प्रभाकर आलोक का पेटीएम खाता अपडेट करने आया और उसका मोबाइल लेकर अपना काम करके चला गया। उसके जाने के कुछ देर बाद मोबाइल पर मैसेज आया कि एयरटेल पेमेंटस बैंक खाता से 21 हजार 900 और 40 हजार रुपये दूसरे के मोबाइल नम्बर पर ट्रांसफर हुआ है। पीड़ित ने प्रभाकर को फोन कर विश्वासघात करने पर विरोध जताया तो उसने गालियां और हत्या की धमकी दी। इस प्रकरण में भी साइबर थाना में मुकदमा लिखा गया है।