बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-दो राकेश कुमार सिंह की अदालत में शनिवार को दस साल पुराने हत्या के मुकदमे में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दोषी करार दिए जाने के बाद हत्यारोपित सूरज अदालत से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और उसकी लोकेशन लखनऊ में मिलने की बात कही जा रही है।
सुबेहा थाना क्षेत्र के अहिरन सरैया मजरे रोहना मीरापुर निवासी सूरज, उसके पिता मुहरू और चाचा गुड्डू वर्ष 2016 से हत्या के मुकदमे में नामजद हैं। शनिवार को एडीजे कोर्ट संख्या-दो ने तीनों को दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर नौ फरवरी को सुनवाई होनी है।
करीब डेढ़ साल से जमानत पर बाहर चल रहा सूरज पेशी पर अदालत पहुंचा था। जैसे ही कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर उसे हिरासत में लेने का आदेश दिया, वह पुलिस और कोर्ट कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। सूचना मिलने तक पुलिस की घेराबंदी से पहले ही वह परिसर से निकल चुका था। बताया जा रहा है कि पेशी के दौरान सूरज नशे की हालत में था।
घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सिटी संगम कुमार और नगर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह न्यायालय परिसर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल उसके सुबेहा स्थित घर पर निगरानी की, लेकिन वहां भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपित की लोकेशन लखनऊ में ट्रेस हुई है।
हत्या के मामले में दोषी सूरज का पिता पहले से जेल में बंद है, जबकि दूसरे सहअभियुक्त चाचा गुड्डू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि फरार दोषी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।