बाराबंकी। दहेज की मांग पूरी न होने पर एक पांच माह की गर्भवती महिला को बेरहमी से पीटने और तीन तलाक देकर घर से बाहर निकालने का मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर फतेहपुर कोतवाली पुलिस ने पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला ग्राम बनार, कोतवाली फतेहपुर का है, जहां निवासी सलमान की पुत्री अंजुम का निकाह तीन वर्ष पूर्व तेलपुरा, थाना रामपुर मथुरा, सीतापुर निवासी असलम पुत्र शाकिर के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुरालीजन दहेज में मिली सामग्री से असंतुष्ट थे और अंजुम पर मोटरसाइकिल व सोने की चेन लाने का दबाव बनाते रहे।
पीड़िता के अनुसार, 30 अगस्त 2025 की सुबह लगभग 9 बजे, पति असलम ने एक बार फिर मोटरसाइकिल की मांग की। मायके वालों की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर जब अंजुम ने असमर्थता जताई, तो पति, सास, ससुर और ननद ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोप है कि इस हमले में गर्भस्थ शिशु को भी चोटें आईं। इसके बाद, पति ने उसे तीन बार ‘तलाक’ बोलकर तलाक दे दिया।
पीड़िता ने बताया कि जब उसने अपने भाई को बुलाया, तो ससुरालियों ने मिलकर उसकी भी पिटाई कर दी और अंजुम को बाल पकड़कर घर से बाहर फेंक दिया।
फतेहपुर कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी पति असलम, सास, ससुर और ननद के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फतेहपुर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।