रामसनेहीघाट के गढ़ीमऊ के रहने वाले थे मंजीत, अमेठी सदर में थी तैनात
राजस्थान से दबिश देकर कार से टीम के साथ लौट रह था दरोगा
दरोगा मंजीत सिंह की फाइल फोटो
बाराबंकी। अमेठी सदर में दरोगा के पद पर तैनात मंजीत सिंह की भोर में आगरा एक्सप्रेसवे पर बांगरमऊ के पास हुई बस व कार की जोरदार भिडंत में मौके पर ही मौत हो गई। मंजीत राजस्थान से दबिस देकर लौट रहे थे। अंतिम संस्कार पैतृक गांव में हुआ। राज्यमंत्री सतीश शर्मा सहित क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
शुक्रवार सुबह लगभग 05 बजे 30 वर्षीय मंजीत सिंह पुत्र रामविलास अपनी टीम के साथ लखनऊ से एक युवती की बरामदगी के लिए गए थे। वापसी के दौरान आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बांगरमऊ टोल प्लाजा के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर एक निजी बस से जा टकराई। हादसे में कार चला रहे दरोगा मंजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
मूल रूप से कोतवाली रामसनेहीघाट के गढ़ीमऊ निवासी मंजीत सिंह वर्तमान में अपने परिवार के साथ लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर एच 31 में मकान बनवा कर रहते थे। मंजीत सिंह 2015 बैच के दारोगा थे। वर्तमान समय में वह सदर कोतवाली अमेठी में तैनात थे। बताया जाता है कि युवती की बरामदगी के लिए हेड कांस्टेबल प्रदीप तिवारी के साथ राजस्थान गए थे।
मंजीत के परिवार में पत्नी और तीन माह की मासूम है। पिता हाइकोर्ट लखनऊ में नौकरी करते है जबकि छोटा भाई नौकरी की तैयारी कर रहा है। घटना की जानकारी से घटना गांव में कोहराम मच गया। क्षेत्राधिकारी जटाशंकर मिश्र, अमेठी क्षेत्राधिकारी मनोज मिश्र, कोतवाल अमेठी धीरेंद्र यादव सहित अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। देर शाम मृतक का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया गया। अंतिम संस्कार के समय गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी गई।