बाराबंकी। एक महिला ने भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सहित पति, सास-ससुर व ननदों पर दहेज में 20 लाख रूपए की मांग पूरी न होने पर पेट्रोल छिड़क कर चलाने के प्रयास का आरोप लगाया है। रामसनेहीघाट पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुर मजरे दिलोना निवासी शुभांगी की शादी 29 फरवरी 2024 को अयोध्या के डेहुआ गांव निवासी हरेंद्र तिवारी से हुई थी। शादी में लाखों रुपये और अर्टिगा कार दी गई, लेकिन इसके बावजूद ससुरालीजनों की मांगें कम नहीं हुईं। शुभांगी ने आरोप लगाया है कि पति हरेंद्र, ससुर सदाशिव तिवारी, सास गीता देवी, देवर विवेक तिवारी (भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष हैं) और ननदें लगातार 20 लाख रुपये नकद और लग्जरी कार की मांग करते रहे।
पीड़िता ने बताया कि ससुरालीजन आए दिन गाली-गलौज और मारपीट करते थे। 16 सितंबर को तो उन्होंने शुभांगी को बेरहमी से पीटने के बाद पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की, लेकिन शुभांगी किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रही।
शुभांगी के चाचा त्रिदेव तिवारी का आरोप है कि देवर के राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस चौकी पर शिकायत दर्ज नहीं की गई, और बेटी को घर लाने के लिए डायल 112 की मदद लेनी पड़ी।
कोतवाल अंकित त्रिपाठी ने पुष्टि की है कि पीड़िता की तहरीर पर दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।