तहसील प्रशासन ने हाइवे के पास के तालाब की करोड़ों की जमीन पर कब्जे पर साधी चुप्पी
बाराबंकी। नवाबगंज तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत रसौली में स्थित दुगड़हा तालाब को पाटने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि पूर्व प्रधान और उनके समर्थकों ने रातोंरात करीब 100 डम्पर मिट्टी तालाब में डालकर लाखों की सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश की। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो दबंगों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी। सफदरगंज पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर पूर्व प्रधान सहित आधा दर्जन से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शु़रु कर दी है।
रसौली के कसाई मोहल्ला निवासी मोहम्मद वैस ने सोमवार की रात थाना सफदरगंज में मुकदमा दर्ज कराया। तहरीर के अनुसार रविवार की रात करीब एक बजे जिला पंचायत सदस्य मुशर्रफ, पूर्व प्रधान मुकर्रम, इकराम, जफर, कमर, सारिक और आलम भारी संख्या में डम्पर लेकर पहुंचे और तालाब में मिट्टी गिराने लगे। जब ग्रामीणों ने आपत्ति की तो दबंगों ने मोहम्मद वैस समेत उनके परिवार के सईद, शाकिर और सबीर को पीट दिया।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपितों की राजनीतिक पकड़ मजबूत होने के कारण तहसील प्रशासन, लेखपाल, कानूनगो और जिला खनन अधिकारी ने मिलीभगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं की। यूपी–112 पर सूचना देने के बावजूद भी रात में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया। इस बीच तालाब का एक बड़ा हिस्सा पाट दिया गया। ग्राम पंचायत में तालाब पर कब्जे की इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
थाना सफदरगंज के प्रभारी निरीक्षक अमर चौरसिया ने बताया कि मामले में मारपीट की धाराओं में जिला पंचायत सदस्य मुशर्रफ, पूर्व प्रधान मुकर्रम समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उधर, तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि तालाब पाटे जाने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।