बाराबंकी सहित छह जिलों के 6 हजार से अधिक किसानों को मिलेंगे लाइसेंस, अंतिम तिथि 5 अक्टूबर
बाराबंकी। काला सोना यानी अफीम की खेती करने के इच्छुक किसानों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नारकोटिक्स विभाग बाराबंकी डिवीजन के छह बाराबंकी, लखनऊ, रायबरेली, अयोध्या, गाजीपुर और मऊ में इस बार लगभग 6077 किसानों को अफीम की खेती का लाइसेंस दिया जाना है।
शुक्रवार को लगभग 400 किसानों को अफीम की खेती का लाइसेंस जारी किया गया। यह प्रक्रिया सत्यप्रेमीनगर स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो कार्यालय में चल रही है। लाइसेंस वितरण की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर निर्धारित की गई है, हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस तिथि को बढ़ाया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, कुल 807 किसानों को ओपियूम (अफीम) की खेती के लिए और 5270 किसानों को सीपीएस (कंसेंट्रेटेड पॉप्पी स्ट्रॉ) की खेती के लिए योग्य पाया गया है। इन सभी किसानों को विभागीय प्रक्रिया के अनुसार लाइसेंस जारी किया जा रहा है।
“रायबरेली, अयोध्या, गाजीपुर, मऊ, लखनऊ और बाराबंकी में ओपियूम की खेती के लिए 807 तथा सीपीएस के लिए 5270 योग्य किसानों को लाइसेंस जारी किया जाना है। लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसकी अंतिम तिथि 5 अक्टूबर निर्धारित है, हालांकि इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।”